रायगढ़। ठंड की शुरुआत होते ही रायगढ़ जिले में सांपों के बिलों से बाहर निकलने का सिलसिला शुरू हो गया है। खासकर अजगरों की मौजूदगी शहर के अलग-अलग इलाकों में देखी जा रही है। घरों और रिहायशी कॉलोनियों में पहुंच रहे इन अजगरों का सर्प रक्षक टीम लगातार रेस्क्यू कर रही है। इसी कड़ी में शहर के विभिन्न स्थानों से रेस्क्यू किए गए 7 अजगरों को टीम के सदस्यों ने एक साथ सुरक्षित प्राकृतिक वातावरण में छोड़ दिया।
सर्प रक्षक समिति के अध्यक्ष विनीतेश तिवारी ने बताया कि ठंड के मौसम में अजगर, रसेल वाइपर और बैंडेड रेसर प्रजाति के सांपों की सक्रियता बढ़ जाती है। भोजन की तलाश में ये सांप अक्सर चूहों का पीछा करते हुए रिहायशी इलाकों और लोगों के घरों तक पहुंच जाते हैं। इन दिनों लगातार अजगरों के रेस्क्यू के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में शहर के कृष्ण कुंज भगवानपुर से एक, जिला जेल परिसर से एक, श्रीकुंज कृषि विद्यालय रोड से दो, ग्रीन सिटी कॉलोनी से एक, इंदिरा नगर स्थित केटीएम शोरूम के पास से एक तथा टीवी टावर रोड स्थित साईं मंगलम कॉलोनी से एक अजगर का रेस्क्यू किया गया। सभी 7 अजगरों को सुरक्षित तरीके से शहर से बाहर उनके अनुकूल प्राकृतिक वातावरण में छोड़ दिया गया है।
विनीतेश तिवारी ने बताया कि सर्प रक्षक समिति के सक्रिय सदस्य सुमित बेहरा, पुष्पेंद्र त्रिपाठी, विक्की चौहान, किशन धर्मा, रवि मिरी और जय नारायण खर्रा लगातार रेस्क्यू अभियान में जुटे हुए हैं। टीम के सदस्य रोजाना शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से जहरीले और बिना जहर वाले सांपों का रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित जंगल में छोड़ रहे हैं, ताकि सांपों को नुकसान न पहुंचे और लोगों को भी किसी तरह का खतरा न हो।











