जेपीएल द्वारा महिला सशक्तिकरण की पहल, क्षेत्र की महिलाएं चलाएंगी हैवी व्हीकल,आरोहण प्रोजेक्ट के तहत भारी वाहन चलाने का प्रशिक्षण लेने महिलाओं का दल रवाना

रायगढ़। जिंदल पॉवर लिमिटेड द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक अभिनव पहल की जा रही है। क्षेत्र की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें प्लांट और माइंस एरिया में भारी वाहन चलाने के लिए प्रशिक्षित करने का निर्णय लिया गया है। इस प्रोजेक्ट को कंपनी प्रबंधन द्वारा आरोरण नाम दिया गया है। पहले चरण में क्षेत्र के विभिन्न गांवों की 15 महिलाओं व युवतियों का चयन किया गया है। उन्हें 30 दिनों के प्रशिक्षण के लिए मंगलवार को रायपुर रवाना किया गया।
जिंदल पॉवर लिमिटेड मैनेजमेंट का मानना है कि महिलाएं किसी क्षेत्र में पुरूषों से कम नहीं है। माइंस और प्लांट के अंदर भारी वाहन चलाने का काम अभी तक पुरूषों द्वारा ही किया जाता रहा है, आने वाले समय में महिलाएं भी ऐसे वाहन चला सकेंगी। इससे महिलाएं सशक्त और आत्मनिर्भर भी होंगी। इस योजना के साथ जिंदल फाउंडेशन द्वारा महिलाओं को इसके योग्य बनाने का निर्णय लिया गया है। चयनित महिलाओं को कार्यक्रम आयोजित कर मोटिवेट किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एमडी प्रदीप्ता कुमार मिश्रा ने कहा कि आरोहण कार्यक्रम का उद्देश्य क्षेत्र की महिलाओं को सशक्त बनाना और उनमें निहित प्रतिभा और संभावनाओं को निखारना है। एमडी श्री मिश्रा ने कहा महिलाओं को कौशल विकास से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और समाज के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को हैवी मोटर व्हीकल ड्राइविंग का प्रशिक्षण की पहले महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ ही उनके लिए रोजगार के नए रास्ते भी खोलता है। एक्जिक्यूटिव वाइस प्रेसीडेंट संदीप सांगवान ने आरोहण प्रोजेक्ट को अन्य कौशल विकास परियोजना से हटकर उपयोगी बताया। सीएचआरओ आशीष कुमार ने प्रशिक्षण के लिए चयनित महिलाओं से अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला की तरह ऊंचे सपनंे देखने व उसे पूरा करने के लिए प्रयास करने का आग्रह किया। कार्यक्रम में विजय जैन, गोविंद कुमार, एसके दुबे, सुधीर रॉय, राजेश रावत व सुश्री पायल सिन्हा उपस्थित थीं।
रायपुर में दिलाया जाएगा 30 दिनों का प्रशिक्षण
सीएसआर के एजीएम राजेश रावत ने बताया कि आरोहण कार्यक्रम में गारे पेलमा 4ध्1, 4ध्2 एवं 3 तथा सेक्टर 1 बनाई भालूमुड़ा क्षेत्र में आने वाले प्रभावित गांवों कोसमपाली, सारसमाल, लिबरा, टपरंगा, जांजगीर, आमगांव, भालूमुड़ा क्षेत्र में सर्वे किया गया था। जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं व युवतियों ने इंटरेस्ट लिया। परिवार से सहमति, पंचायतों से अनापत्ति सहित अन्य प्रक्रियाओं को पूरी करने के बाद इच्छुक महिलाओं का लर्निंग लाइसेंस बनवाया गया। मंगलवार को एलएमवी प्रशिक्षण के लिए रायपुर भेजा गया है। जहां ये महिलाएं 30 दिनों तक लाइट व्हीकल चलाने का प्रशिक्षण प्राप्त करेंगीं।
आईडीटीआर से प्रशिक्षण के बाद साल भर एलएमवी चलाएंगीं
रायपुर के आईडीटीआर से प्रशिक्षण पूरी करने के बाद उन महिलाओं को एलएमवी चलाने के लिए इंटर्नशिप पर रखा जाएगा। इस दौरान कंपनी द्वारा उन्हें मानदेय भी दिया जाएगा। इसके बाद फिर से उन्हें 40 दिनों का प्रशिक्षण सरकार के नियमों के अनुसार दिलाया जाएगा। जेपीएल माइंस के सीईओ ओमप्रकाश ने चयनित महिलाओं को प्रशिक्षण के लिए रवाना करते हुए कहा कि महिलाओं को सशक्त करते हुए ड्राइविंग के क्षेत्र में महिलाओं को प्रशिक्षण दिलाना एकदम नई जिम्मेदारी है। इस प्रशिक्षण के बाद महिलाएं हैवी व्हीकल चलाने के योग्य हो जाएंगी।

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