हाथी शुभचिंतक वैभव जगने ने बताया कि पिछले वर्ष उन्होंने वन मुख्यालय अटल नगर नवा रायपुर जाकर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) को आवेदन प्रस्तुत किया था। आवेदन में मांग की गई थी कि वन मुख्यालय के क्लाइमेट चेंज बोर्ड में प्रतिवर्ष 12 अगस्त — विश्व हाथी दिवस अंकित किया जाए।
दुखद विषय यह है कि आवेदन दिए हुए एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी आज तक क्लाइमेट चेंज बोर्ड में विश्व हाथी दिवस का कोई उल्लेख नहीं किया गया है।
वैभव जगने का कहना है कि जब हाथी वर्ष 2010 से भारत का राष्ट्रीय विरासत पशु घोषित है, तब वन मुख्यालय जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में विश्व हाथी दिवस का उल्लेख न होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं अपमानजनक है।
उन्होंने कहा कि वन विभाग में अनेक वरिष्ठ एवं शिक्षित अधिकारी पदस्थ हैं, फिर भी विश्व हाथी दिवस जैसी महत्वपूर्ण तिथि को प्रदर्शित नहीं किया जाना गंभीर विषय है।
हाथी संरक्षण एवं जागरूकता के लिए कार्य कर रहे लोगों का मानना है कि इस प्रकार की उपेक्षा से वन्यजीव संरक्षण के प्रति गलत संदेश जाता है। उन्होंने वन विभाग से शीघ्र ही क्लाइमेट चेंज बोर्ड में 12 अगस्त विश्व हाथी दिवस अंकित करने की मांग की है।
राष्ट्रीय विरासत पशु का अपमान — वैभव जगने
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