रायगढ़। जिले के औद्योगिक क्षेत्रों में लगातार सामने आ रही दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग अब पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। उद्योगों में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आपात परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई के उद्देश्य से विभाग द्वारा लगातार मॉक ड्रिल और सुरक्षा कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है।
औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के अधिकारी राहुल पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले के विभिन्न कारखानों में दुर्घटनाओं में कमी लाने तथा कर्मचारियों को आपदा जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में मंगलवार को पुसौर ब्लॉक के ग्राम लारा स्थित एनटीपीसी आईपी पावर प्लांट में एसिड रिसाव की स्थिति को लेकर व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की गई।
मॉक ड्रिल के दौरान कर्मचारियों को बताया गया कि एसिड रिसाव जैसी गंभीर स्थिति में किस प्रकार सतर्कता बरतनी चाहिए, प्रभावित क्षेत्र को कैसे सुरक्षित करना है, घायलों को प्राथमिक उपचार कैसे उपलब्ध कराना है और समय रहते स्थिति पर नियंत्रण कैसे पाया जा सकता है। सुरक्षा विशेषज्ञों ने कर्मचारियों को आपदा प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण तकनीकी पहलुओं की भी जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा टीम, सीआईएसएफ, संचार टीम, रखरखाव टीम और चिकित्सा विभाग की टीम ने समन्वित तरीके से अभ्यास कर आपातकालीन स्थिति से निपटने की तैयारियों का प्रदर्शन किया। औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के अधिकारी राहुल पटेल ने कहा कि इस तरह की मॉक ड्रिल से कर्मचारियों का आत्मविश्वास बढ़ता है और किसी भी दुर्घटना की स्थिति में नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में जिले के अन्य उद्योगों में भी इसी तरह सुरक्षा कार्यशालाएं और मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी, ताकि आने वाले समय में इस रायगढ़ जिले के उद्योगों में इस तरह की स्थिति निर्मित होती है तो उससे निपटा जा सके।
