रायगढ़। रायगढ़ जिले के हरे भरे जंगलो में विचरण कर रहे हाथी और मानव के बीच एक अनोखी दोस्ती की शुरुआत होने लगी है। एक लंबे अर्से बाद अब हाथी मित्र दल की टीम ने वर्षों से जंगलों में विचरण करने वाले गजराज से एक गहरा जुड़ाव बना लिया है। साथ ही धीरे-धीरे गजराजो ने भी इस टीम को पहचान लिया है और अब वह उनकी बातों को समझने लगे है।
रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वन मंडल के अंतर्गत आने वाले छाल रेंज गाँव के ग्रामीण बताते हैं की लगातार कटते जंगल और हाथी मानव के बीच जारी द्वन्द में हाथी और मानव के बीच काफी दुरी आ चुकी थी। जंगली हाथी को पहले रिहायासी इलाके में देखते ही उन्हें भागने के लिए पहले मशाल जलाने के साथ साथ फटाके फोड़े जाते थे। लेकिन इन सब घटनाओ से हाथी भागते जरूर थे, परन्तु इंसान को देखते ही वे आक्रमक हो जाते थे, जिससे हाथी और मानव के बीच द्वन्द की घटना अधिक बढ़ने लगी थी।
बीते कुछ सालों के दरम्यान छाल रेंज के हाथी मित्र दल की टीम ने वो करके दिखा दिया है जिस पर कोई भी आसानी से यकीन नहीं कर सकता। उन्हें मात्र यह एक फ़िल्मी कहानी ही लगेगी जबकि हकीकत में गजराज की आँखों में अब कुछ चुनिंदा लोगों के लिए के ना केवल स्नेह नजर आने लगा है बल्कि हाथी अब उनकी हर बात मानने लगे हैं। जंगली हाथी अब हाथी मित्र दल की टीम की बात सुनने लगे हैं और उनकी बातों का अनुसरण भी करने लगे हैं, इसके कई परिणाम भी देखा जा चुका है, ऐसे में अब यह साफ हो जाता है कि प्यार की भाषा हर प्राणी को समझ आती है।
