Home छत्तीसगढ़ डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में कदम – अदाणी फाउंडेशन द्वारा मिलुपारा और कुंजेमुरा में नि:शुल्क कंप्यूटर एवं एआई प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ

डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में कदम – अदाणी फाउंडेशन द्वारा मिलुपारा और कुंजेमुरा में नि:शुल्क कंप्यूटर एवं एआई प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ

by KhabarDoot Desk

रायगढ़ । अदाणी फाउंडेशन ने स्थानीय महिलाओं और युवतियों को तकनीकी शिक्षा से सशक्त बनाने के उद्देश्य से ग्राम मिलुपारा और कुंजेमुरा में नि:शुल्क कंप्यूटर एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को डिजिटल दुनिया से जोड़ना और उन्हें रोजगार के नए अवसरों के लिए तैयार करना है।

कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिभागियों को कंप्यूटर की बुनियादी जानकारी, टाइपिंग कौशल, माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस के मूल तत्व, इंटरनेट और ईमेल का उपयोग तथा डिजिटल सुरक्षा के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रयोग और महत्व पर भी विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। प्रशिक्षण पूर्ण होने पर सभी प्रतिभागियों को कंप्यूटर और एआई दोनों के प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे। इस पहल से कुल 50 महिलाएँ और युवतियाँ लाभान्वित होंगी, जिससे वे आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर होंगी।

मिलुपारा में कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्री उद्धव भगत (सरपंच, ग्राम पंचायत मिलुपारा) द्वारा किया गया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि श्री सीताराम चौधरी (उपसरपंच), श्री दिलीप नायक, श्री प्रेम शंकर पटेल, श्री ओथराम सिदार तथा अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अदाणी समूह से श्री विवेक रायकर (जीपी साइट हेड) और श्री राघवेन्द्र शर्मा (संदक प्रमुख) ने कार्यक्रम में भाग लिया।

कुंजेमुरा में कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्रीमति यज्ञसेनी उमेश सिदार (जनपद सदस्य) एवं कार्यक्रम अध्यक्ष श्रीमति संजुक्ता ललित खेश (सरपंच, ग्राम पंचायत कुंजेमुरा) द्वारा किया गया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि श्री उमेश सिंह सिदार, श्रीमति रत्ना निषाद, श्रीमति सुमन निषाद, श्रीमति रामवती सहिस तथा अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अदाणी फाउंडेशन से श्री मनीष शुक्ला (सीएसआर प्रमुख) एवं पूरी सीएसआर टीम ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

अदाणी फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने कहा कि यह पहल महिलाओं को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने और उन्हें रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। तकनीकी जागरूकता बढ़ने से स्थानीय समुदाय में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।

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