रायगढ़। जिला मुख्यालय में ठंड की शुरूआत होते ही अब अजगर सांप का निकलना शुरू हो चुका है। इसी क्रम में कल सुबह शहर के पंचधारी डेम के पास एक विशालकाल अजगर को पहाड़ से उतरकर नदी की तरफ जाते देखा गया। इस दौरान अजगर को देखने लोगों की भारी भीड़ जुट गई थी। रायगढ़ एनिमल सेवा समिति के सदस्य बताते हैं कि ठंड के दिनों में अजगर और रसेल वायपर अधिक निकलते है।
मिली जानकारी के अनुसार कल पचधारी डेम के पास नहाने जा रहे लोगों ने देखा कि पहाड़ से नीचे उतरकर तकरीबन साढ़े 4 फीट का एक अजगर केलो नदी की तरफ जा रहा था। इस दौरान विशालकाल अजगर को देखने लोगों की भारी भीड़ जुट गई थी। इस बीच मौके पर मौजूद रायगढ़ एनिमल सेवा समिति के धर्मेन्द्र सिंह राजपूत और उसके साथियों ने लोगों को समझाते हुए अजगर को नदी की तरफ जाने दिया गया।
रायगढ़ एनिमल सेवा समिति के धर्मेन्द्र सिंह राजपूत ने बताया कि रायगढ़ में ठंड की शुरूआत हो चुकी है। ऐसे में इंडियन राॅक पायथन याने अजगर और एशिया का सबसे जहरीला सांप रसल वायपर ग्रामीण इलाको में अधिक निकलते हैं। धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि अजगर कई दिनों तक कुंडली मारकर शिकार के इंतजार में बैठे रहता है और जैसे ही शिकार अजगर के करीब पहुंचता है तब झपेटा मारकर शिकार को दबोच लेता है।
धर्मेन्द्र सिंह ने यह भी बताया कि ठंड के दिनों में रसेल वायपर से सावधानी बरतने की जरूरत है, चूंकि ये सांप धान कटाई के समय खेतों में धूप खाने के लिये निकलते हैं। इस दौरान अक्सर लोग इसके चपेट में आ जाते हैं।
