Home छत्तीसगढ़ बीजापुर के 13 गांव में उल्टी-दस्त का प्रकोप, दो दिन में पहुंचे 300 से ज्‍यादा मरीज, अस्पताल की जगह आश्रम में हो रहा इलाज

बीजापुर के 13 गांव में उल्टी-दस्त का प्रकोप, दो दिन में पहुंचे 300 से ज्‍यादा मरीज, अस्पताल की जगह आश्रम में हो रहा इलाज

by Naresh Sharma

बीजापुर। Bijapur Diarrhea Outbreak News: छत्‍तीसगढ़ के बीजापुर जिले के फरसेगढ़ उप स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत आने वाले 13 गांव में उल्टी दस्त का प्रकोप फैला हुआ है। दो दिनों में इन गांव के 300 ग्रामीण इलाज कराने फरसेगढ़ उप स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे हैं। इनमें से कुछ गंभीर मरीजों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुटरू रेफर किया गया हैं।

भैरमगढ़ ब्लाक के कुटरू पीएचसी के अंतर्गत फरसेगढ़ उप स्वास्थ्य केंद्र के सागमेटा, कुपरेल, छोटे आलवाड़ा, मुचलेर, मंडेम, एड्सगुण्डी कुरलापल्ली व फरसेगढ़ सहित 13 गांव उल्टी दस्त की चपेट में हैं। उल्टी दस्त से ग्रसित इन ग्रामीणों का उपचार फरसेगढ़ उप स्वास्थ्य केंद्र के डाक्टर निखलेश नंद, ब्लाक मेडिकल अफसर रमेश तिग्गा व डाक्टर पीएन त्रिपाठी कर रहे हैं। कुछ मरीजों को कुटरू पीएचसी रेफर किया गया है।

डाक्टर रमेश तिग्गा व डाक्टर निखलेश नंद ने बताया, ज्यादा गर्मी पड़ने से ग्रामीणों के शरीर में पानी की कमी के चलते उन्हें उल्टी दस्त होने लगा था। रोगियों को ड्रीप लगाकर दवाइयां दी जा रही है। स्थिति नियंत्रण में हैं। डाक्टर नंद ने बताया कि उल्टी दस्त के अलावा ग्रामीणों का बुखार, हाई ब्लड प्रेशर, मलेरिया, शुगर, शारीरिक कमजोरी, महिलाओ का एएनसी चेकअप कर दवाइयां दी जा रही हैं।

अस्पताल की जगह आश्रम में उपचार

फरसेगढ़ सब हेल्थ सेंटर में दर्जन भर गांव में फैले उल्टी दस्त से ग्रसित होकर इलाज कराने फरसेगढ़ उप स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे मरीजों का उप स्वाथ्य केंद्र में इलाज न कर बालक आश्रम भवन में मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इतना ही नहीं मरीजों को बेड की जगह जमीन में लेटाकर ड्रीप लगाया जा रहा है।

बताया गया है कि स्वास्थ्य केंद्र भवन छोटा होने की वजह से इतने मरीजो के लिए वहां जगह नहीं है। पास ही बनाये गए नये भवन में बिजली पानी की व्यवस्था नही हैं। इसलिए रोगियों का उपचार बालक आश्रम भवन में इलाज किया जा रहा हैं।

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