धमतरी। कहते है न प्रेम का कोई अर्थ नहीं है , ऐसा एक उदाहरण आप के सामने है , छत्तीसगढ़ धमतरी के हाथी शुभचिंतक वैभव जगने ने हाथियों के जनसंख्या में बढ़ोतरी हो उसको ले कर इस नवरात्र में जगतरा मंदिर जिला बालोद में ज्योत जलाएंगे हाथी शुभचिंतक लगभग 6 सालों से हाथियो के संरक्षक को लेकर जागरूकता कार्यक्रम करते आए है इन्होंने लगभग 100 हाथी प्रभावित गावो में जा कर हाथियों के संरक्षण को ले के जागरूक करते है,
वैभव जगने का कहना है कि हाथियो का प्रकृति को संतुलित रखने में बहुत बड़ा योगदान रहा है ,राजा महाराजाओं के समय से हाथी प्रताड़ित हो रहे है और आज भी केरल कर्नाटक ,राजस्थान तमिलनाडु जैसे राज्यों में हाथियों के साथ अत्याचार हो रहा है ,इस सभी को मद्दे नजर रखते हुए हाथी शुभचिंतक ने जगतरा मंदिर जिला बालोद में ज्योत जलाएंगे और इनका कहना है कि एक न एक दिन हाथी और मानव में मित्रता अवश्य आएगी मानव भी हाथियो के दर्द तकलीफ को समझेंगे और नजारा कुछ अनोखा रहेगा हाथियो के विषय में शुभचिंतक ने एक किताब भी लिखी है , मैं हाथी हु जिसमें छत्तीसगढ़ के हाथियो के दुख दर्द को दर्शाया भी है। वैभव जगने ने हाथी प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीण से आग्रह भी किया कि हाथियों के साथ दुर्व्यवहार न करे ,हाथियो को छेड़े न हाथी काफी संवेदनशील वन्य प्राणी है और इन्हें राष्ट्रीय विरासत पशु/धरोहर का दर्जा भी प्राप्त है।
