कोरबा पुलिस इन दिनों अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान चला रही है। इस मुहिम के चलते जिले में शराब, गांजा, नशा के लिए उपयोग किये जाने वाले सीरप, टेबलेट्स और एम्प्युल के अवैध धंधे में लिप्त अपराधियों की पहचान कर लगातार छापामारी की जा रही है।
मंगलवार को पुलिस ने एक ऐसी ही कार्रवाई की तो छानबीन के दौरान छापामारी करने गए पुलिस कर्मियीं के होश उड़ गए। अवैध नशा के कारोबार में संलिप्त लोग अपने करतूत को छुपाने के लिए कई तरह के उपाय करते हैं। नशा के एक ऐसे ही सौदागर ने जो तरीका अपनाया उसे देखकर पुलिस भी दंग रह गई। नशीली दवाओं का जखीरा बरामद करने के मामले में जब उरगा पुलिस ने अपनी जांच आगे बढ़ाई तो एक ड्रग पैडलर का पता चला। जब उसके ठिकाने पर दबिश दी गई तो यहां दीवार ने नशे की गोलियां उगली।
दरअसल हर तरह के अवैध नशा पर नियंत्रण के लिए जिला पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में लगातार कार्रवाई की जा रही है। इस कड़ी में पिछले दिनों उरगा थाना प्रभारी निरीक्षक युवराज तिवारी के नेतृत्व में ग्राम लालमाटी क्षेत्र में दबिश देकर चंद्रेश महंत उर्फ मनीष पिता महेश्वर दास व रिजवाना बेगम पति करीम खान को पकडक़र 278 नग प्रतिबंधित टेबलेट जप्त किया गया था, जिसका उपयोग नशा के लिए किया जाता है।
पुलिस की कड़ी पूछताछ में इन्होंने जांजगीर-चांपा जिले के पंतोरा, थाना बलौदा निवासी कन्हैया मिरी उर्फ गोलू से नशीली प्रतिबंधात्मक दवाई व सीरप खरीदने की जानकारी दी थी। इस आधार पर ग्राम पंतोरा में उरगा पुलिस ने दबिश दी। यहां जब जांच शुरू हुई और नशे की गोलियां बरामद करने की कार्रवाई शुरू हुई तो पुलिस भी चौंक गई। यहाँ घर के अंदरूनी कमरे की ईंट की कच्ची दीवार के बीच-बीच में ईंट हटाकर बनाए गए जगह में झिल्ली में लपेट कर प्रतिबंधित दवाईयां रखी गईं थी। कन्हैया से कुल 760 नग एल्प्राजोलम, स्पॉस्मोप्रॉक्सीवीन व 6 नग प्रतिबंधित सीरप बरामद हुआ। कन्हैया के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 के तहत जुर्म दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
