Home छत्तीसगढ़ Ambikapur News : ग्रामीण क्षेत्र में बांस कला को मिला बेहतर मंच

Ambikapur News : ग्रामीण क्षेत्र में बांस कला को मिला बेहतर मंच

by Naresh Sharma

अंबिकापुर। अम्बिकापुर बांस कला के संरक्षण के लिए प्रोजेक्ट बतौली के तहत ग्रामीणों की कला को बेहतर मंच देने के साथ उनकी आर्थिक आय बढ़ाने की भी पहल हो रही है। इसी कड़ी में बांस कला से जुड़े लोगों के बीच प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी में परंपरागत बांस की बनी वस्तुएं आकर्षण का केंद्र रही।

बांस कला के संरक्षण व जागरूकता के लिए प्रोजेक्ट बतौली द्वारा बतौली विकासखंड के तुरिया समुदाय जो की बांस कला में पारंगत है ,लेकिन रोज़गार के अभाव के कारण अपना व्यवसाय बदल रहा है।उनके लिए 13 व 14 मई को बांस कला प्रदर्शनी का आयोजन अग्रसेन भवन बतौली में किया गया। इस प्रतियोगिता में आकर्षक वस्तुएं बनाई गई। बेचन राम (तेलाईधार) ने बेहतर प्रदर्शन के आधार पर प्रथम स्थान प्राप्त किया।

ग्राम तेलाइधार की निर्मला बाई को द्वितीय पुरुस्कार और आगर साय (तेलाईधार) ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा सभी प्रतिभागियों को प्रोत्साहन पुरस्कार दिया गया।

कला, शिक्षा के क्षेत्र में आदिवासी बच्चों को कर रहे पारंगत

बांस कला के क्षेत्र में संरक्षण के लिए काम कर रहे बतौली प्रोजेक्ट के प्रकाश गर्ग खुद अच्छे कलाकार है। उन्हें कई पुरस्कार भी मिल चुके है। प्रकाश गर्ग इस समय प्रोजेक्ट बतौली के माध्यम से आदिवासी बच्चों को कला में पारंगत कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने दूरस्थ क्षेत्र करदना में शिविर लगाया था ,जिसमें ग्रामीण परिवेश में ही बच्चों को पेंटिंग ,कला, संगीत,शिक्षा की नवीनतम जानकारी से अवगत कराया गया। इस प्रोजेक्ट का मूल उद्देश्य नियमित पाठ्यक्रम के अलावा बच्चों को अन्य विधाओं में उनकी रुचि अनुसार उन्हीं के परिवेश में पारंगत करना है, ताकि बच्चे जीवन के संघर्षों को पार करते हुए अपने लक्ष्यों को आसानी से हासिल कर सके।

related posts